20 साल बाद निकली UP फार्मासिस्ट भर्ती फिर अटकी, लखनऊ में युवाओं का प्रदर्शन
20 साल बाद निकली UP Pharmacist Vacancy 2024 फिर अटकी, लखनऊ में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
UP Pharmacist Vacancy 2024 को लेकर उत्तर प्रदेश में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती 2024 अब कोर्ट केस में फंस गई है। लगातार सुनवाई टलने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी को लेकर लखनऊ में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि दो साल बीतने के बाद भी UPSSSC Pharmacist Bharti 2024 आगे नहीं बढ़ पाई है। इससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
1002 पदों पर निकली थी UPSSSC Pharmacist Bharti, लेकिन प्रक्रिया ठप
फरवरी 2024 में UPSSSC Recruitment 2024 के तहत 1002 आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। उम्मीदवारों ने आवेदन भी किया, लेकिन इसके बाद मामला न्यायालय पहुंच गया। तब से अब तक कई बार सुनवाई की तारीख लग चुकी है, पर अंतिम फैसला नहीं हो सका।
छात्रों का आरोप है कि UP Pharmacist Bharti 2024 मामले में तेजी नहीं दिखाई जा रही है, जिसके कारण पूरी चयन प्रक्रिया रुकी हुई है।
प्रदेश में 60% पद अब भी खाली
जानकारी के मुताबिक, राज्य में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के कुल स्वीकृत पद लगभग 2100 हैं। इनमें से करीब 1200 पद अभी भी खाली हैं। यानी आधे से ज्यादा पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। अगर समय पर Pharmacist Vacancy 2024 in UP पूरी कर ली जाए तो हालात बेहतर हो सकते हैं।
2003 के बाद पहली बड़ी भर्ती, फिर भी अटकी
छात्रों के मुताबिक, आखिरी बड़ी भर्ती करीब 2003 में निकली थी। लगभग 20 साल बाद इतनी संख्या में पदों पर वैकेंसी आई, जिससे युवाओं में उम्मीद जगी थी। लेकिन अब यह UP Ayurvedic Pharmacist Vacancy 2024 भी अटक गई है, जिससे निराशा बढ़ गई है।
क्या चाहते हैं अभ्यर्थी?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि:
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कोर्ट में मामले का जल्द निपटारा किया जाए
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या सरकार UPSSSC Pharmacist Recruitment 2024 प्रक्रिया को स्पष्ट तरीके से आगे बढ़ाए
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चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए
उनका कहना है कि लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवार मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से परेशान हैं।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने साफ कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि UP Pharmacist Vacancy में देरी से हजारों योग्य अभ्यर्थी नौकरी से वंचित हो रहे हैं, जबकि विभाग में स्टाफ की कमी बनी हुई है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और आयोग इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाते हैं।
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